#भारत_बनेगा_विश्वगुरु 😊
पिछले कुछ दिनो से कोयले की हो रही कमी की वजह से पूरा विश्व परेशान है। दरअसल अब तक लगभग विश्व के सभी देश "थर्मल पावर प्लाट" के जरिये से ही उर्जा का उत्पादन करते थे। जो कि कोयले पर ही निर्भर रहता है।
अब जब कोयले की प्रतिदिन ही कमी हो रही है तो सबको थोरियम पर निर्भर होकर तरल फ्लोराइड थोरियम रिएक्टर के क्षेत्र मे काम करना होगा। मतलब की अब लगभग सभी देशों को थोरियम से ही उर्जा का उत्पादन करने के क्षेत्र में काम करना होगा।
खुशी की बात यह है कि पूरे विश्व का 33% थोरियम सिर्फ भारत के पास है। परमाणु ऊर्जा विभाग के मुताबिक भारत में एक करोड टन 'मोनाजाइट' है जिसमें करीब 9,63,000 टन थोरियम ऑक्साइड भरा हुआ है।
कहने का मतलब ये है कि अब लगभग विश्व के सभी देशों को भारत पर निर्भर रहना पडेगा। इससे भारत की आर्थिक स्थिति और भी बेहतर होगी।
जानकारी के लिये आपको ये बता दें कि एक किलो कोयले से सिर्फ तीन यूनिट बिजली बनती है। 1 किलो थोरियम से लगभग 6 करोड यूनिट बिजली बनती है। ✍️
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