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शुक्रवार, 5 जून 2020

भारत ने दौड़ाया ड्रैगन घबराया

                  


भारत ने दौड़ाया ड्रैगन घबराया


आज विश्व ऐसी महामारी से जूझ रहा है कि जिसका इलाज बड़े-बड़े विकासशील देशों के पास नहीं है । लेकिन इन सबके बीच चीन के कदम भारत की सीमा की ओर बढ़ रहे हैं ।पिछले कुछ दिनों से लगातार चीनी सेना की आवाजाही सीमा पर देखी जा रही है जिसमें चीन की सेना भारत की सीमा की ओर लगातार अपने कदम बढ़ाते हुए 2 किलोमीटर तक आगे आ गई, भारतीय सेटेलाइट से ली गई फोटो से यह साफ हो गया कि चीन भारत की सीमा में दखल दे रहा है, तभी भारतीय सेना ने ड्रैगन सेना को जवाब देते हुए लद्दाख सीमा पर लड़ाकू विमानों को उड़ाने के साथ टैंक तथा एयरक्राफ्ट को तैनात किया जिससे चीनी सेना को अपने कदमों को पीछे खींचना पड़ा ।

                                                      Plain Truth: Indian Army Is Fully Prepared And Was NOT Caught ...

इसे देख लगता है कि चीन भारत के सैन्य बल तथा आधुनिक तकनीकी से लैस हत्यारों को देखकर डर रहा है यही वजह है कि उसने अपने ससेना को पीछे खींच लिया है तो वही ड्रैगन अब बातचीत के जरिए इस विवाद को सुलझाना चाहता है । इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के उच्च स्तरीय आर्मी अधिकारी आपस में बातचीत कर सकते हैं जिसमें युद्ध जैसी विभीषिका को टाला जा सके।

                                                                        
Indian Army to bring out 'Tour of Duty' for civilians ...


अगर भारत और चीन में युद्ध होता है तो चीन की हार पक्की है, इसके दो ही कारण हैं पहला कि भारत के रिश्ते अमेरिका के साथ मजबूत हैं तो दूसरी ओर भारत विश्व की सबसे मजबूत आर्मी वाला देश है उसके पास 266 रॉकेट लॉन्चर, 4062 फील्ड आर्टिलटी तथा 235 स्वचालित आर्टिलटी है जिसमें भारत चीन का मुकाबला आसानी से कर सकता है । चीन के पास रॉकेट लॉन्चर्स हैं जो ज्यादा हथियारों को लेकर उड़ नहीं सकते तो वहीं भारत के पास ऐसे रॉकेट लॉन्चर हैं जो आसानी से हथियारों को ले जा सकते हैं तथा आर्मी ले जाने में एक्सपर्ट है जिसे देख ड्रैगन को मजबूरन अपने कदमों को पीछे खींचना पड़ा । अगर युद्ध होता है तो ड्रैगन की हार पक्की है क्योंकि भारत ने हिंद महासागर तथा बंगाल की खाड़ी के साथ लद्दाख की सीमा पर भी अपनी सैनी चौकसी बढ़ा दी है तो वहीं टैंक रॉकेट लॉन्चर्स तथा एयरक्राफ्ट व लड़ाकू विमानों की भी तैनाती की है जिसने चीन के मास्टरस्टॉक को मात दे दी है। 

                                                Indian Army should be relieved from internal security in J&K. It ...

अब चीन इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहता है इसलिए दोनों देशो के  आर्मी के बड़े अधिकारी आपस में बात करेंगे ।