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गुरुवार, 23 सितंबर 2021

23 सितम्बर, नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले

 23 सितम्बर/जन्म-दिवस


नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले


अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। उनका हवेली जैसा निवास ‘गोखले बाड़ा’ कहलाता था। संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे इस घर में ही रहते थे। 


नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे। एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली। इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा वाले दिन उन्हें सूचना मिली कि डा. हेडगेवार ने सब स्वयंसेवकों को तुरंत रेशीम बाग बुलाया है। उन दिनों शाखा पर ऐसे आकस्मिक बुलावे (urgent call) के कार्यक्रम भी होते थे। जब गोखले जी वहां पहुंचे, तो डा. जी ने कहा कि तुम्हारी परीक्षा है, इसलिए तुम वापस जाओ। युवा गोखले जी इससे बहुत प्रभावित हुए कि डा. जी जैसे बड़े व्यक्ति को भी उनकी परीक्षा का ध्यान था।


डा. जी के निधन के बाद दिसम्बर, 1940 में नागपुर में अम्बाझरी तालाब के पास तरुण-शिविर लगा था। उसमें श्री गुरुजी ने युवाओं से प्रचारक बनने का आह्नान किया। गोखले जी कानून की प्रथम वर्ष की परीक्षा दे चुके थे; पर पढ़ाई छोड़कर वे प्रचारक बन गये। सर्वप्रथम उन्हें उ.प्र. के कानपुर नगर में भेजा गया। वहां के बाद उन्होंने उरई, उन्नाव, कन्नौज, फरुखाबाद, बांदा आदि में भी शाखाएं खोलीं। प्रवास और भोजन आदि के व्यय का कुछ भार कानपुर के संघचालक जी वहन करते थे, शेष गोखले जी अपने घर से मंगाते थे।


1948-49 में संघ पर प्रतिबंध लगा हुआ था; पर तब तक ‘अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद’ का गठन हो चुका था। गोखले जी ने 150 स्वयंसेवकों को परिषद की ओर से ‘साक्षरता प्रसार’ के लिए गांवों में भेजा। ये युवक बालकों को खेल खिलाते थे तथा बुजुर्गो में भजन मंडली चलाते थे। प्रतिबंध हटने पर ये खेलकूद और भजन मंडली ही शाखा में बदल गयीं। इस प्रकार उन्होंने अपनी बुद्धिमत्ता से प्रतिबंध काल में भी सैकड़ों शाखाओं की वृद्धि कर दी। 


गोखले जी 1942 से 51 तक कानुपर, 1954 तक लखनऊ, 1955 से 58 तक कटक (उड़ीसा) और फिर 1973 तक दिल्ली में रहे। आपातकाल के दौरान उनका केन्द्र नागपुर रहा। तब उन पर मध्यभारत, महाकौशल और विदर्भ का काम था। आपातकाल के बाद उन पर कुछ समय मध्य भारत प्रांत का काम रहा। इस समय उनका केन्द्र इंदौर था। 1978 में वे फिर उ.प्र. में आ गये और पूर्वी उ.प्र. में जयगोपाल जी के साथ सहप्रांत प्रचारक बनाये गये।


गोखले जी को पढ़ने और पढ़ाने का शौक था। जब प्रवास में कष्ट होने लगा, तो उन्हें लखनऊ में ‘लोकहित प्रकाशन’ का काम दिया गया। उन्होंने इस दौरान 150 नयी पुस्तकें प्रकाशित कीं। तथ्यों की प्रामाणिकता और प्रूफ आदि पर वे बहुत ध्यान देते थे। वर्ष 2002 में वृद्धावस्था के कारण उन्होंने सब दायित्वों से मुक्ति ले ली और लखनऊ के ‘भारती भवन’ कार्यालय पर ही रहने लगे। घंटे भर की शाखा के प्रति उनकी श्रद्धा अंत तक बनी रही। चाय, भोजन आदि के लिए समय से पहुंचना उनके स्वभाव में था। अपने कमरे की सफाई और कपड़े धोने से लेकर पौधों की देखभाल तक वे बड़ी रुचि से करते थे। 


1991 में पुश्तैनी सम्पत्ति के बंटवारे से उन्हें जो भूमि मिली, वह उन्होंने संघ को दे दी। कुछ साल बाद प्रशासन ने पुल बनाने के लिए 19 लाख रु. में उसका 40 प्रतिशत भाग ले लिया। उस धन से वहां संघ कार्यालय भी बन गया, जिसका नाम ‘शिवनेरी’ रखा गया है। इसके बाद वहां एक इंटर कॉलिज की स्थापना की गयी, जिसमें दो पालियों में 2,500 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।



नारियल की तरह ऊपर से कठोर, पर भीतर से मृदुल, सैकड़ों प्रचारक और हजारों कार्यकर्ताओं के निर्माता गोखले जी का 25 मई, 2014 को लखनऊ में ही निधन हुआ।

बहुआयामी व्यक्तित्व : आचार्य तुलसी

 23 सितम्बर/पुण्य-तिथि


बहुआयामी व्यक्तित्व  : आचार्य तुलसी


भारत की पुण्य धरा पर अनेक ऋषियों, सन्तों तथा मनीषियों ने जन्म लेकर अपना तथा समाज का जीवन सार्थक किया है। ऐसे ही एक मनीषी थे आचार्य श्री तुलसी, जिनका जन्म 20 सितम्बर,  1914 को हुआ था। वे महावीर स्वामी द्वारा प्रवर्तित जैन पन्थ की तेरापन्थ शाखा में मात्र 11 वर्ष की अवस्था में दीक्षित हुए और 22 वर्ष में इस धर्मसंघ के नौवें अधिशास्ता बन गये।


आचार्य तुलसी यों तो एक पन्थ के प्रमुख थे; पर उनका व्यक्तित्व सीमातीत था। अपनी मर्यादाओं का पालन करते हुए भी उनके मन में सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेम था। इसलिए सभी धर्म, मत और पन्थ, सम्प्रदायों के लोग उनका सम्मान करते थे। उनका जीवन एक खुली किताब की तरह था, जिसे पढ़ने के लिए किसी तरह के अक्षरज्ञान की भी आवश्यकता नहीं थी। इतना ही नहीं, उसे जितनी बार पढ़ो, हर बार नये अर्थ उद्घाटित होते थे। श्रद्धालु घण्टों उनके पास बैठकर उनके प्रवचन का आनन्द लेते थे।


आचार्य तुलसी अपने प्रवचन में गूढ़ तथ्यों को इतनी सरलता से समझाते थे कि सामान्य व्यक्ति को भी वे आसानी से समझ में आ जाते थे। यद्यपि उनकी भाषा व भाष्य अत्यन्त शुद्ध होते थे; फिर भी उनके चुम्बकीय आकर्षण से बँधकर लोग बैठे रहते थे। प्रवचन के समय उनकी वाणी ही नहीं, आँखें भी बोलती थीं। आचार्य जी कभी अनावश्यक बात नहीं करते थे; पर उनकी आँखों के संकेत मात्र से ही तेरापन्थ धर्मसंघ का अनुशासन चलता था। यह उनकी प्रशासनिक कुशलता का परिचायक है।


प्रखर बुद्धि एवं वक्तृत्व कौशल के धनी आचार्य जी आचरण व व्यवहार को भी अध्यात्म जितनी ही प्राथमिकता देते थे। इसलिए उनके प्रवचन एवं वार्तालाप में दैनन्दिन जीवन की समस्याओं एवं उनके समाधान की चर्चा भी होती थी। अपने पन्थ में काम करते हुए भी उनके मन में अनेक नये विषयों पर मन्थन होता रहता था। इसी को व्यवहार रूप देने के लिए दो मार्च, 1949 को राजस्थान के सरदार शहर कस्बे में विशाल जनसमूह के सम्मुख उन्होंने ‘अणुव्रत’ नामक एक नये आन्दोलन की नींव रखी।


अणुव्रत लोगों में नैतिकता जगाने का आन्दोलन था। अणु का अर्थ है छोटा और व्रत अर्थात संकल्प। आचार्य जी का मत था कि हम यदि जीवन में छोटा सा व्रत लेकर उसका निष्ठा से पालन करें, तो न केवल अपना अपितु परिवार एवं आसपास वालों का जीवन भी बदल जाता है। यह विषय इतना आसान था कि इससे जुड़ने वालों की संख्या क्रमशः बढ़ने लगी। लाखों लोगों ने अणुव्रत आन्दोलन से प्रेरित होकर हिंसा, मद्यपान, माँसाहार, झूठ, छल, कपट, फरेब आदि अवगुणों को त्याग दिया।


आचार्य जी जन-जन के कल्याण के लिए निरन्तर प्रयत्नशील रहे। अणुव्रत को और अधिक सहज बनाने के लिए उन्होंने इसके साथ प्रेक्षाध्यान और जीवन विज्ञान को प्रचलित किया। प्रेक्षाध्यान के माध्यम से व्यक्ति अन्तर्मुखी होकर स्वयं की अच्छाई एवं कमियों को जानने का प्रयास करता है। इसी प्रकार जीवन विज्ञान के द्वारा वे जन्म से लेकर मृत्यु तक के संस्कारों के पीछे छिपे विज्ञान को सबके सम्मुख लाये।


अणुव्रत के प्रचार-प्रसार के लिए उन्होंने व्यापक भ्रमण किया। जैन मत को वे व्यापक हिन्दू धर्म का एक अभिन्न अंग मानते थे। वे विश्व हिन्दू परिषद् के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। जन-जन में जागृति का प्रचार-प्रसार करते हुए 23 सितम्बर, 1999 को उन्होंने सदा के लिए आँखें मूँद लीं।

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बुधवार, 22 सितंबर 2021

एकादशी के दिन श्राद्ध क्यूँ नहीं होता

 🙏 *स्त्री को श्राद्ध नहीं खिलाया जा सकता क्यूँ * ✍️


*एकादशी के दिन श्राद्ध क्यूँ नही होता*❓


शास्त्र की आज्ञा है कि एकादशी के दिन श्राद्ध नहीं करना चाहिये। पुष्कर खंड में भगवान शंकर ने पार्वती जी को स्पष्ट रूप से कहा है, जो एकादशी के दिन श्राद्ध करते हैं तो श्राद्ध को खाने वाला और श्राद्ध को खिलाने वाला और जिस के निमित्त वह श्राद्ध हो रहा है वह पितर, तीनों नर्क गामी होते हैं । उसके लिए ठीक तो यही होगा कि वह उस दिन के निमित्त द्वादशी को श्राद्ध करें।

तो हमारे महापुरुषों का कहना है कि अगर द्वादशी को श्राद्ध नहीं करें और एकादशी को करना चाहें तो पितरों का पूजन कर निर्धन ब्राह्मण को केवल फलाहार करावें । भले ही वह ब्राह्मण एकादशी करता हो या ना करता हो। लेकिन हमें उस दिन उसे फलाहार ही करवाना चाहिए ।


*श्राद्ध में कभी स्त्री को श्राद्ध नहीं खिलाया जाता।* आजकल एक प्रचलन है पिताजी का श्राद्ध है तो पंडित जी को खिलाया और माता जी का श्राद्ध है तो ब्राह्मणी को खिलाया; यह शास्त्र विरुद्ध है। स्त्री को श्राद्ध का भोजन करने की आज्ञा नहीं है ।क्योंकि वह जनेऊ धारण नहीं कर सकती, उनको अशुद्ध अवस्था आती है, वह संकल्प नहीं करा सकती, तो ब्राह्मण को ही श्राद्ध का भोजन कराना चाहिए ।ब्राह्मण के साथ ब्राह्मणी आ जाए उनकी पत्नी आ जाए साथ में बच्चे आ जाएं कोई हर्ज नहीं पर अकेली ब्राह्मणी को भोजन कराना शास्त्र विरुद्ध है।


 *पितरों को पहले थाली नहीं देवें,* 

पित्तृ पूजन में पितरों को कभी सीधे थाली नहीं देनी चाहिए। वैष्णवों में पहले भोजन बना कर पृथम ठाकुर जी को भोग लगाना चाहिए, और फिर वह प्रसाद पितरों को देना चाहिए, कारण क्या है वैष्णव कभी भी अमनिया वस्तु किसी को नहीं देगा। भगवान का प्रसाद ही अर्पण करेगा और भगवान का प्रसाद पितरों को देने से उनको संतुष्टि होगी। इसलिए पितरों को प्रसाद अर्पण करना चाहिए । पित्तृ लोक का एक दिन मृत्यु लोक के 1 वर्ष के बराबर होता है । यहां 1 वर्ष बीतता है पितृ लोक में 1 दिन बीतता  है । केवल श्राद्ध ही नहीं अपने पितरों के निमित्त श्री गीता पाठ, श्री विष्णु सहस्त्रनाम, श्री महा मंत्र का जप और नाम स्मरण अवश्य करना चाहिए। पितृ कर्म करना यह हमारा दायित्व है । जब तक यह पंच भौतिक देह है तब तक इस संबंध में जो शास्त्र आज्ञा और उपक्रम है उनका भी निर्वाह करना पड़ेगा | 🚩

सोमवार, 20 सितंबर 2021

अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए

                       गजल 

अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए                  

           गोपालदास "नीरज"


अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए।

जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए।


जिसकी ख़ुशबू से महक जाय पड़ोसी का भी घर

फूल इस क़िस्म का हर सिम्त खिलाया जाए।


आग बहती है यहाँ गंगा में झेलम में भी

कोई बतलाए कहाँ जाके नहाया जाए।


प्यार का ख़ून हुआ क्यों ये समझने के लिए

हर अँधेरे को उजाले में बुलाया जाए।


मेरे दुख-दर्द का तुझ पर हो असर कुछ ऐसा

मैं रहूँ भूखा तो तुझसे भी न खाया जाए।


जिस्म दो होके भी दिल एक हों अपने ऐसे

मेरा आँसू तेरी पलकों से उठाया जाए।


गीत उन्मन है, ग़ज़ल चुप है, रूबाई है दुखी

ऐसे माहौल में ‘नीरज’ को बुलाया जाए।

रविवार, 19 सितंबर 2021

रामायण, “रामायण” क्या है??

 *पढियेगा अवश्य*

“रामायण” क्या है?? 


अगर कभी पढ़ो और समझो तो आंसुओ पे काबू रखना.......


रामायण का एक छोटा सा वृतांत है,

चलिए उसपर दृष्टिपात किया जाये 


एक रात की बात हैं, माता कौशल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर किसी के चलने की आहट सुनाई दी। 

नींद खुल गई, पूछा कौन हैं ?


मालूम पड़ा श्रुतकीर्ति जी (सबसे छोटी बहु, शत्रुघ्न जी की पत्नी)हैं ।

माता कौशल्या जी ने उन्हें नीचे बुलाया |


श्रुतकीर्ति जी आईं, चरणों में प्रणाम कर खड़ी रह गईं


माता कौशिल्या जी ने पूछा, श्रुति ! इतनी रात को अकेली छत पर क्या कर रही हो बेटी ? 

क्या नींद नहीं आ रही ?


शत्रुघ्न कहाँ है ?


श्रुतिकीर्ति की आँखें भर आईं, माँ की छाती से चिपटी, 

गोद में सिमट गईं, बोलीं, माँ उन्हें तो देखे हुए तेरह वर्ष हो गए ।


उफ ! 

कौशल्या जी का ह्रदय काँप कर झटपटा गया ।


तुरंत आवाज लगाई, सेवक दौड़े आए । 

आधी रात ही पालकी तैयार हुई, आज शत्रुघ्न जी की खोज होगी, 

माँ चली ।


आपको मालूम है शत्रुघ्न जी कहाँ मिले ?


अयोध्या जी के जिस दरवाजे के बाहर भरत जी नंदिग्राम में तपस्वी होकर रहते हैं, उसी दरवाजे के भीतर एक पत्थर की शिला हैं, उसी शिला पर, अपनी बाँह का तकिया बनाकर लेटे मिले !! 


माँ सिराहने बैठ गईं, 

बालों में हाथ फिराया तो शत्रुघ्न जी नेआँखें खोलीं, 


माँ !


उठे, चरणों में गिरे, माँ ! आपने क्यों कष्ट किया ? 

मुझे बुलवा लिया होता ।


माँ ने कहा, 

शत्रुघ्न ! यहाँ क्यों ?"


शत्रुघ्न जी की रुलाई फूट पड़ी, बोले- माँ ! भैया राम जी पिताजी की आज्ञा से वन चले गए, 

भैया लक्ष्मण जी उनके पीछे चले गए, भैया भरत जी भी नंदिग्राम में हैं, क्या ये महल, ये रथ, ये राजसी वस्त्र, विधाता ने मेरे ही लिए बनाए हैं ?


माता कौशल्या जी निरुत्तर रह गईं ।


देखो क्या है ये रामकथा...


यह भोग की नहीं....त्याग की कथा हैं..!!


यहाँ त्याग की ही प्रतियोगिता चल रही हैं और सभी प्रथम हैं, कोई पीछे नहीं रहा...  चारो भाइयों का प्रेम और त्याग एक दूसरे के प्रति अद्भुत-अभिनव और अलौकिक हैं ।


"रामायण" जीवन जीने की सबसे उत्तम शिक्षा देती हैं ।


भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी सीता माईया ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया..!!


परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! 

माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. 


परन्तु जब पत्नी “उर्मिला” के कक्ष की ओर बढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि माँ ने तो आज्ञा दे दी, 

परन्तु उर्मिला को कैसे समझाऊंगा.??


क्या बोलूँगा उनसे.?


यहीं सोच विचार करके लक्ष्मण जी जैसे ही अपने कक्ष में पहुंचे तो देखा कि उर्मिला जी आरती का थाल लेके खड़ी थीं और बोलीं- 


"आप मेरी चिंता छोड़ प्रभु श्रीराम की सेवा में वन को जाओ...मैं आपको नहीं रोकूँगीं। मेरे कारण आपकी सेवा में कोई बाधा न आये, इसलिये साथ जाने की जिद्द भी नहीं करूंगी।"


लक्ष्मण जी को कहने में संकोच हो रहा था.!!


परन्तु उनके कुछ कहने से पहले ही उर्मिला जी ने उन्हें संकोच से बाहर निकाल दिया..!!


वास्तव में यहीं पत्नी का धर्म है..पति संकोच में पड़े, उससे पहले ही पत्नी उसके मन की बात जानकर उसे संकोच से बाहर कर दे.!!


लक्ष्मण जी चले गये परन्तु 14 वर्ष तक उर्मिला ने एक तपस्विनी की भांति कठोर तप किया.!!


वन में “प्रभु श्री राम माता सीता” की सेवा में लक्ष्मण जी कभी सोये नहीं , परन्तु उर्मिला ने भी अपने महलों के द्वार कभी बंद नहीं किये और सारी रात जाग जागकर उस दीपक की लौ को बुझने नहीं दिया.!!


मेघनाथ से युद्ध करते हुए जब लक्ष्मण जी को “शक्ति” लग जाती है और हनुमान जी उनके लिये संजीवनी का पर्वत लेके लौट रहे होते हैं, तो बीच में जब हनुमान जी अयोध्या के ऊपर से गुजर रहे थे तो भरत जी उन्हें राक्षस समझकर बाण मारते हैं और हनुमान जी गिर जाते हैं.!!


तब हनुमान जी सारा वृत्तांत सुनाते हैं कि, सीता जी को रावण हर ले गया, लक्ष्मण जी युद्ध में मूर्छित हो गए हैं।


यह सुनते ही कौशल्या जी कहती हैं कि राम को कहना कि “लक्ष्मण” के बिना अयोध्या में पैर भी मत रखना। राम वन में ही रहे.!!


माता “सुमित्रा” कहती हैं कि राम से कहना कि कोई बात नहीं..अभी शत्रुघ्न है.!!


मैं उसे भेज दूंगी..मेरे दोनों पुत्र “राम सेवा” के लिये ही तो जन्मे हैं.!!


माताओं का प्रेम देखकर हनुमान जी की आँखों से अश्रुधारा बह रही थी। परन्तु जब उन्होंने उर्मिला जी को देखा तो सोचने लगे कि, यह क्यों एकदम शांत और प्रसन्न खड़ी हैं?


क्या इन्हें अपनी पति के प्राणों की कोई चिंता नहीं?


हनुमान जी पूछते हैं- देवी! 


आपकी प्रसन्नता का कारण क्या है? आपके पति के प्राण संकट में हैं...सूर्य उदित होते ही सूर्य कुल का दीपक बुझ जायेगा। 


उर्मिला जी का उत्तर सुनकर तीनों लोकों का कोई भी प्राणी उनकी वंदना किये बिना नहीं रह पाएगा.!!


उर्मिला बोलीं- "

मेरा दीपक संकट में नहीं है, वो बुझ ही नहीं सकता.!!


रही सूर्योदय की बात तो आप चाहें तो कुछ दिन अयोध्या में विश्राम कर लीजिये, क्योंकि आपके वहां पहुंचे बिना सूर्य उदित हो ही नहीं सकता.!!


आपने कहा कि, प्रभु श्रीराम मेरे पति को अपनी गोद में लेकर बैठे हैं..!


जो “योगेश्वर प्रभु श्री राम” की गोदी में लेटा हो, काल उसे छू भी नहीं सकता..!!


यह तो वो दोनों लीला कर रहे हैं..


मेरे पति जब से वन गये हैं, तबसे सोये नहीं हैं..


उन्होंने न सोने का प्रण लिया था..इसलिए वे थोड़ी देर विश्राम कर रहे हैं..और जब भगवान् की गोद मिल गयी तो थोड़ा विश्राम ज्यादा हो गया...वे उठ जायेंगे..!!


और “शक्ति” मेरे पति को लगी ही नहीं, शक्ति तो प्रभु श्री राम जी को लगी है.!!


मेरे पति की हर श्वास में राम हैं, हर धड़कन में राम, उनके रोम रोम में राम हैं, उनके खून की बूंद बूंद में राम हैं, और जब उनके शरीर और आत्मा में ही सिर्फ राम हैं, तो शक्ति राम जी को ही लगी, दर्द राम जी को ही हो रहा.!!


इसलिये हनुमान जी आप निश्चिन्त होके जाएँ..सूर्य उदित नहीं होगा।"


राम राज्य की नींव जनक जी की बेटियां ही थीं... 


कभी “सीता” तो कभी “उर्मिला”..!!


 भगवान् राम ने तो केवल राम राज्य का कलश स्थापित किया ..परन्तु वास्तव में राम राज्य इन सबके प्रेम, त्याग, समर्पण और बलिदान से ही आया .!!


जिस मनुष्य में प्रेम, त्याग, समर्पण की भावना हो उस मनुष्य में राम हि बसता है... 

कभी समय मिले तो अपने वेद, पुराण, गीता, रामायण को पढ़ने और समझने का प्रयास कीजिएगा .,जीवन को एक अलग नज़रिए से देखने और जीने का सऊर मिलेगा .!!


"लक्ष्मण सा भाई हो, कौशल्या माई हो,

स्वामी तुम जैसा, मेरा रघुराइ हो.. 

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो, 

चरण हो राघव के, जहाँ मेरा ठिकाना हो..

हो त्याग भरत जैसा, सीता सी नारी हो, 

लव कुश के जैसी, संतान हमारी हो.. 

श्रद्धा हो श्रवण जैसी, सबरी सी भक्ति हो, 

हनुमत के जैसी, निष्ठा और शक्ति हो... "

ये रामायण है, पुण्य कथा श्री राम की।


कृपया आगे सभी को भेजें।

मंगलवार, 7 सितंबर 2021

हार्ट अटैक, इलाज

          ‼️ *हार्ट अटैक*‼️


*हमारे  देश  भारत  में  3000 साल  पहले  एक  बहुत  बड़े ऋषि  हुये  थे.*

*उनका  नाम  था* *महाऋषि वागवट  जी !!*


*उन्होंने   एक   पुस्तक   लिखी थी*

*जिसका  नाम  है* *अष्टांग* *हृदयम!!*

*(Astang   hrudayam)*


*और  इस  पुस्तक  में  उन्होंने* *बीमारियों  को  ठीक  करने  के* *लिए* *7000* *सूत्र  लिखें   थे !*

*यह  उनमें  से  ही  एक  सूत्र है !!*


*वागवट  जी  लिखते  हैं  कि कभी  भी  हृदय  को  घात  हो रहा  है !* *मतलब  दिल  की  नलियों  मे blockage  होना  शुरू  हो  रहा   है !*


*तो  इसका  मतलब  है  कि रक्त  (blood)  में , acidity (अम्लता )  बढ़ी  हुई  है !*

*अम्लता  आप  समझते  हैं !*

*जिसको  अँग्रेजी  में  कहते  हैं acidity !!*

*अम्लता  दो  तरह  की  होती है !*


👉*एक  होती  है   पेट  की अम्लता !*


👉*और  एक  होती  है  रक्त (blood)  की  अम्लता !!*


*आपके  पेट  में  अम्लता  जब बढ़ती  है !* *तो  आप  कहेंगे* 

✔️*पेट  में जलन सी  हो  रही  है !!*

✔️*खट्टी  खट्टी  डकार  आ रही  हैं !*

✔️*मुंह  से  पानी  निकल  रहा  है !*

*और  अगर  ये  अम्लता (acidity) और  बढ़  जाये !*

*तो  hyperacidity  होगी !*

*और  यही  पेट  की  अम्लता बढ़ते-बढ़ते  जब  रक्त  में  आती  है  तो  रक्त  अम्लता (blood  acidity)  होती है !!*

*और  जब  blood  में  acidity बढ़ती  है  तो  ये  अम्लीय  रक्त (blood)  दिल  की  नलियों  में से  निकल  नहीं  पाती !* *और  नलियों  में  blockage कर  देता  है !*

*तभी  heart  attack  होता है !!  इसके  बिना heart attack  नहीं  होता !!*

*और  ये  आयुर्वेद  का  सबसे बढ़ा  सच  है  जिसको  कोई डाक्टर  आपको  बताता  नहीं !*

*क्योंकि  इसका  इलाज  सबसे सरल  है !!*


*इलाज  क्या  है ??*


*वागवट  जी  लिखते  हैं  कि जब  रक्त  (blood)  में  अम्लता  (acidity)  बढ़  गई है !* *तो  आप  ऐसी  चीजों  का उपयोग  करो  जो  क्षारीय  हैं !*

*आप  जानते  हैं  दो  तरह  की चीजें  होती  हैं !*


*अम्लीय  और  क्षारीय !!*

*acidic  and  alkaline*


*अब  अम्ल  और  क्षार  को मिला  दो  तो  क्या  होता है ! ?????*


*acid  and  alkaline  को मिला  दो  तो  क्या  होता है   ?????*


‼️*neutral*‼️

*होता  है  सब  जानते  हैं !!*


*तो  वागवट  जी  लिखते  हैं !* *कि  रक्त  की  अम्लता  बढ़ी हुई  है  तो  क्षारीय (alkaline) चीजें  खाओ !*

*तो  रक्त  की  अम्लता (acidity)  neutral  हो जाएगी  !!!*


*और  रक्त  में  अम्लता neutral  हो  गई !*

*तो  heart  attack  की जिंदगी  मे  कभी  संभावना  ही नहीं !!*


*ये  है  सारी  कहानी !!*


*अब  आप  पूछेंगे कि  ऐसी कौन  सी  चीजें  हैं  जो  क्षारीय हैं  और  हम  खायें  ?????*


*आपके  रसोई  घर  में  ऐसी बहुत  सी  चीजें  है  जो  क्षारीय हैं !* *जिन्हें  आप  खायें  तो  कभी heart attack  न  आए !*


*और  अगर  आ  गया  है !*

*तो  दुबारा  न  आए !!*


*यह हम सब जानते हैं कि सबसे  ज्यादा  क्षारीय चीज क्या हैं और सब घर मे आसानी से उपलब्ध रहती हैं, तो वह  है लौकी !!*

*जिसे  दुधी  भी  कहते  हैं !!*

*English  में  इसे  कहते  हैं bottle  gourd  !!!*

*जिसे  आप  सब्जी  के  रूप  में खाते  हैं !* *इससे  ज्यादा  कोई  क्षारीय चीज  ही  नहीं  है !*


*तो  आप  रोज  लौकी  का  रस निकाल-निकाल  कर  पियो !!* *या  कच्ची  लौकी  खायो !!*


*वागवट  जी  कहते  हैं  रक्त की  अम्लता  कम  करने  की सबसे  ज्यादा  ताकत  लौकी  में ही  है ! * *तो  आप  लौकी  के  रस  का सेवन  करें !!*


🔴 *कितना   सेवन करें   ?????????*🔴


*रोज  200  से  300  मिलीग्राम   पियो !!*


*कब   पिये ??*


*सुबह  खाली  पेट (toilet जाने के बाद ) पी  सकते  हैं !!* *या  नाश्ते  के  आधे  घंटे  के बाद  पी  सकते  हैं !!*

*इस  लौकी  के  रस  को  आप और  ज्यादा  क्षारीय  बना सकते  हैं !*

*इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो* *तुलसी  बहुत  क्षारीय  है !!* *इसके  साथ  आप  पुदीने  के  7  से 10  पत्ते  मिला  सकते  हैं !* *पुदीना  भी बहुत  क्षारीय  है !* *इसके  साथ  आप  काला नमक  या  सेंधा  नमक  जरूर डाले !*

*ये भी बहुत क्षारीय है !!*


*लेकिन  याद  रखें*

*नमक काला या सेंधा ही डाले !* *वो  दूसरा  आयोडीन  युक्त नमक  कभी  न  डाले !!* *ये  आओडीन  युक्त  नमक अम्लीय  है !!!!*


*तो  मित्रों  आप  इस  लौकी  के जूस  का  सेवन  जरूर  करें !!*


*2  से  3  महीने  की  अवधि में आपकी  सारी  heart  की blockage  को  ठीक  कर देगा !!*


*21  वें  दिन  ही  आपको  बहुत ज्यादा  असर  दिखना  शुरू  हो जाएगा  !!!*


*कोई  आपरेशन  की  आपको जरूरत  नहीं  पड़ेगी !!*


*घर  में  ही  हमारे  भारत  के आयुर्वेद  से  इसका  इलाज  हो जाएगा !!*


*और  आपका  अनमोल  शरीर और  लाखों  रुपए  आपरेशन के  बच  जाएँगे !!*

*आपने  पूरी  पोस्ट  पढ़ी , आपका   बहुत   बहुत धन्यवाद !!*

*यदि  आपको  ठीक  लगता  है  तो आप  ये  जानकारी  अन्य सभी  जनों  तक  पहुचाएँ |

मंगलवार, 10 अगस्त 2021

गांधी और कांग्रेस के नाम पर सम्पत्तियाँ,छात्रवृतियाँ,स्थान आदि

 पूरे देश की रजिस्ट्री अपने नाम। शर्म भी नहीं आई?


स्टेडियम :


 1. इंदिरा गांधी खेल परिसर, दिल्ली

 2. इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली

 3. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, नई दिल्ली

 4. राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम, बवाना

 5. राजीव गांधी राष्ट्रीय फुटबॉल अकादमी, हरियाणा

 6. राजीव गांधी एसी स्टेडियम, विशाखापत्तनम

 7. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, पांडिचेरी

 8. राजीव गांधी स्टेडियम, नाहरगुन, ईटानगर

 9. राजीव गांधी बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम, कोचीन

 10. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कदवंतरा, एर्नाकुलम

 11. राजीव गांधी खेल परिसर, सिंघू

 12. राजीव गांधी मेमोरियल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गुवाहाटी

 13. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, हैदराबाद

 14. राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम, कोचीन

 15. इंदिरा गांधी स्टेडियम, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश

 16. इंदिरा गांधी स्टेडियम, ऊना, हिमाचल प्रदेश

 17. इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, विशाखापत्तनम

 18. इंदिरा गांधी स्टेडियम, देवगढ़, राजस्थान

 19. गांधी स्टेडियम, बोलंगीर, उड़ीसा

 20. जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, कोयंबटूर

 21. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, देहरादून

 22. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, चेन्नई

 23. नेहरू स्टेडियम (क्रिकेट), पुणे

                                                      * हवाई अड्डे / बंदरगाह *:

 1. राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, शमशाबाद, हैदराबाद, तेलंगाना

 2. राजीव गांधी कंटेनर टर्मिनल, कोचीन

 3. इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली

 4. इंदिरा गांधी डॉक, मुंबई

 5. जवाहरलाल नेहरू नवीन शेवा पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई

 विश्वविद्यालय / शिक्षा संस्थान:

 1. राजीव गांधी भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग

 2. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स, रांची, झारखंड

 3. राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।

 4. राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ, खड़गपुर, कोलकाता

 5. राजीव गांधी विमानन अकादमी, सिकंदराबाद

 6. राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, पटियाला, पंजाब

 7. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान, तमिलनाडु युवा मामले और खेल मंत्रालय

 बजटीय आवंटन 2008-09 - 1.50 करोड़

 बजटीय आवंटन 2009-10 - 3.00 करोड़

 8. राजीव गांधी विमानन अकादमी, बेगमपेट, हैदराबाद, ए.पी.

 9. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोट्टायम, केरल

 10. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, चंद्रपुर, महाराष्ट्र

 11. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, ऐरोली, नवी मुंबई, महाराष्ट्र

 12. राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश

 13. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, चोल नगर, बैंगलोर, कर्नाटक

 14. राजीव गांधी प्राउडियोगी विश्व विद्यालय, गांधी नगर, भोपाल, म.प्र।

 15. राजीव गांधी d.e.d.  कॉलेज, लातूर, महाराष्ट्र

 16. राजीव गांधी कॉलेज, शाहपुरा, भोपाल

 17. राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली

 18. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी, रायबरेली, यू.पी.

 19. राजीव गांधी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, भोपाल, म.प्र।

 20. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज, पूर्वी गोदावरी जिला, ए.पी.

 21. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, ठाकुर, कर्नाटक

 22. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेस, पांडिचेरी, तमिलनाडु

 23. राजीव गांधी आईटी और जैव प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विद्यापीठ

 24. राजीव गांधी हाई स्कूल, मुंबई, महाराष्ट्र

 25. राजीव गांधी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सतना, म.प्र।

 26. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, श्रीपेरंबुदूर, तमिलनाडु

 27. राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र, नागपुर विश्वविद्यालय के आर.टी.एम.

 28. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, केरल

 29. राजीव गांधी महाविद्यालय, मध्य प्रदेश

 30. राजीव गांधी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, इलाहाबाद, यू.पी.

 31. राजीव गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर, कर्नाटक

 32. राजीव गांधी सरकार।  पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज, पपरोला, हिमाचल प्रदेश

 33. राजीव गांधी कॉलेज, सतना, म.प्र।

 34. राजीव गांधी अकादमी फॉर एविएशन टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम, hb gb hdd gv gv c dc fc केरल

 35. राजीव गांधी मध्य विद्यालय, महाराष्ट्र

 36. राजीव गांधी समकालीन अध्ययन संस्थान, नई दिल्ली

 37. राजीव गांधी सेंटर फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप

 38. राजीव गांधी औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र, गांधीनगर

 39. राजीव गांधी ज्ञान प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश

 40. राजीव गांधी दूरस्थ शिक्षा संस्थान, कोयम्बटूर, तमिलनाडु

 41. राजीव गांधी सेंटर फॉर एक्वाकल्चर, तमिलनाडु

 42. राजीव गांधी विश्वविद्यालय (अरुणाचल विश्वविद्यालय), ए.पी.

 43. राजीव गांधी स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर (rgsmc), केरल

 44. राजीव गांधी विज्ञान केंद्र, मॉरिटस

 45. राजीव गांधी कला मंदिर, पोंडा, गोवा

 46. राजीव गांधी विद्यालय, मुलुंड, मुंबई

 47. राजीव गांधी मेमोरियल पॉलिटेक्निक, बैंगलोर, कर्नाटक

 48. राजीव गांधी मेमोरियल सर्कल दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र (भारत), चेन्नई

 49. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कासगोड, केरल

 50. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स, जयपुर

 51. राजीव गांधी मेमोरियल फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, शिमोगा

 52. राजीव गांधी मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जम्मू और कश्मीर

 53. राजीव गांधी साउथ कैंपस, बरकछा, वाराणसी

 54. राजीव गांधी मेमोरियल टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, झारखंड

 55. राजीव गांधी डिग्री कॉलेज, राजमुंदरी, ए.पी.

 56. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (ignou), नई दिल्ली

 57. इंदिरा गांधी विकास और अनुसंधान संस्थान, मुंबई, महाराष्ट्र

 58. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून

 59. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय अकादेमी, फुर्सतगंज एयरफील्ड, रायबरेली, उत्तर प्रदेश

 60. इंदिरा गांधी विकास अनुसंधान संस्थान, मुंबई

 61. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, उड़ीसा

 62. इंदिरा गांधी बी.एड.  कॉलेज, मैंगलोर

 63. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नांदेड़, महाराष्ट्र

 64. इंदिरा गांधी बालिका निकेतन बी.एड.  कॉलेज, झुंझुनू, राजस्थान

 65. इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़

 66. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, नवी मुंबई, महाराष्ट्र

 67. श्रीमती।  इंदिरा गांधी कोलज, तिरुचिरापल्ली

 68. इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज, सागर, मध्य प्रदेश

 69. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, कश्मीरी गेट, दिल्ली

 70. इंदिरा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान, सारंग, जिला।  धेनकनाल, उड़ीसा

 71. इंदिरा गांधी एयरोनॉटिक्स संस्थान, पुणे, महाराष्ट्र

 72. इंदिरा गांधी इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर, नई दिल्ली

 73. इंदिरा गांधी शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान संस्थान, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

 74. इंदिरा गांधी हाई स्कूल, हिमाचल

 75. इंदिरा कला संघ विश्व विद्यालय, छत्तीसगढ़

 76. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला

 77. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, आंध्र प्रदेश

 78. नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी

 79. पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यावसायिक प्रबंधन संस्थान, विक्रम विश्वविद्यालय

 80. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

 81. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च, बैंगलोर

 82. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुकटपल्ली, एपी

 83. जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र में

 84. जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च, एक डीम्ड यूनिवर्सिटी, जक्कुर, पी.ओ.  बैंगलोर

 85. जवाहरलाल नेहरू सामाजिक अध्ययन संस्थान, तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ (पुणे, महाराष्ट्र) से संबद्ध

 86. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज ऑफ एरोनॉटिक्स एंड एप्लाइड साइंसेज, कोयंबटूर, (ईएसडी 1968)

 87. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, कतरास, धनकवड़ी, पुणे, महाराष्ट्र

 88. कमल किशोर कदम, जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज औरंगाबाद, महाराष्ट्र

 89. जवाहरलाल नेहरू शिक्षा और तकनीकी अनुसंधान संस्थान, नांदेड़, महाराष्ट्र

 90. जवाहरलाल नेहरू कॉलेज, अलीगढ़

 91. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हैदराबाद

 92. जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्व विद्यालय, जबलपुर

 93. जवाहरलाल नेहरू बी.एड.  कॉलेज, कोटा, राजस्थान

 94. जवाहरलाल नेहरू पी.जी.  कॉलेज, भोपाल

 95. जवाहरलाल नेहरू सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, सुंदरनगर, जिला मंडी, एच.पी.

 96. जवाहरलाल नेहरू पब्लिक स्कूल, कोलार रोड, भोपाल

 97. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, काकीनाडा, ए.पी.

 98. जवाहरलाल नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान, इब्राहिमपट्टी, आंध्र प्रदेश

 99. जवाहर नवोदय विद्यालय


 2015-16 तक पूरे भारत में 598 जेएनवी


 696. जवाहर नवोदय विद्यालय

 697. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, कल्पक्कम

 698. इंदिरा गाँधी विश्वविद्यालय हरियाणा 


पुरस्कार: 


 1. राजीव गांधी अवार्ड फॉर आउटस्टैंडिंग अचीवमेंट

 2. राजीव गांधी शिरोमणि पुरस्कार

 3. राजीव गांधी श्रमिक पुरस्कार, दिल्ली श्रम कल्याण बोर्ड

 4. राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार

 5. राजीव गांधी मानव सेवा पुरस्कार

 6. राजीव गांधी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार

 7. ज्ञान विज्ञान पर मूल पुस्तक लेखन के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय पुरस्कार योजना

 8. राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

 9. राजीव गांधी राष्ट्रीय गुणवत्ता पुरस्कार, 1991 में भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित

 10. स्वच्छ गांधी, पर्यावरण और वन मंत्रालय, सरकार के लिए राजीव गांधी पर्यावरण पुरस्कार।  भारत की

 11. राजीव गांधी ट्रैवलिंग स्कॉलरशिप

 12. राजीव गांधी (यूके) फाउंडेशन छात्रवृत्ति

 13. राजीव गांधी फिल्म अवार्ड्स (मुंबई)

 14. राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार

 15. राजीव गांधी पेरिस प्रशस्ति, कर्नाटक

 16. राजीवगांधी व्यावसायिक उत्कृष्टता पुरस्कार

 17. राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार

 18. इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार

 19. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार

 20. इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी पुरस्कार

 21. इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार, पर्यावरण और वन मंत्रालय

 22. इंदिरा गांधी मेमोरियल नेशनल अवार्ड फॉरबीस्ट एनवायर्नमेंटल एंड इकोलॉजिकल

 23. इंदिरा गांधी पीरवरन पुरशकर

 24. इंदिरा गांधी एनएसएस अवार्ड

 25. राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार

 26. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना

 27. सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार

 28. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार द टाउन राजभाषा के लिए

 29. इंदिरा गांधी पुरस्कार ”शांति, निरस्त्रीकरण और विकास के लिए

 30. विज्ञान कार्यान्वयन को लोकप्रिय बनाने के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार

 31. इंदिरा गांधी शिरोमणि पुरस्कार

 32. इंदिरा गांधी एनएसएस पुरस्कार / राष्ट्रीय युवा

 33. इंदिरा गांधी पीरवरन पुशर पुरस्कार - खोज n सही

 34. इंदिरा गांधी n.s.s पुरस्कार

 35. सामाजिक सेवा के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कार, एमपी सरकार।

 36. पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना

 37. इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना

 38. इंदिरा गांधी राजभाषा शील्ड योजना

 39. इंदिरा गांधी वन्यजीव संरक्षण चिड़ियाघर के विजन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी।

 40. जवाहरलाल नेहरू को हर साल कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को दी जाने वाली 15 लाख रुपये की अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए पुरस्कार दिया जाता है, जिसमें 1988 में फिलिस्तीन लिबरेशन फ्रंट के यासर अराफात और 1965 में यू थान्ट शामिल हैं।

 41. सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, रु। का नकद पुरस्कार।  उपरोक्त फिल्म की मान्यता में, श्याम बेनेगल को दिसम्बर 89 में दिया गया 20,000।

 42. जवाहरलाल नेहरू बालकल्याण सरकार द्वारा प्रत्येक 10 जोड़े को 10,000 रुपये का पुरस्कार।  महाराष्ट्र का (toi-28-4-89)।

 43. शैक्षणिक उपलब्धि के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड, नई दिल्ली

 44. ऊर्जा के लिए जवाहरलाल नेहरू जन्म शताब्दी अनुसंधान पुरस्कार

 45. इंटरनेशनल अंडरस्टैंडिंग के लिए जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार

 46. नेहरू बाल समिति बहादुरी पुरस्कार

 47. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडल

 48. जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार “1998-99 से, विज्ञान के लोकप्रियकरण के लिए संगठनों (अधिमानतः गैर सरकारी संगठनों) को दिया जाना।

 49. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता

 50. डीएनए के विकास की अनुसंधान परियोजना के लिए जवाहरलाल नेहरू छात्र पुरस्कार

 

 छात्रवृत्ति / फैलोशिप: 


 1. विकलांग छात्रों के लिए राजीव गांधी छात्रवृत्ति योजना

 2. एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय

 3. एसटी उम्मीदवारों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना

 4. राजीव गांधी फैलोशिप, इग्नू

 5. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान अध्येता

 6. राजीव गांधी फैलोशिप, जनजातीय मामलों का मंत्रालय

 7. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दी गई राजीव गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप योजना

 8. राजीव गांधी फेलोशिप को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के साथ मिलकर राष्ट्रमंडल शिक्षण द्वारा प्रायोजित किया गया

 9. राजीव गांधी विज्ञान प्रतिभा अनुसंधान फैलोशिप जवाहरलाल नेहरू सेंटर द्वारा उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान (नवोदित वैज्ञानिकों को बढ़ावा देने के लिए) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और राजीव गांधी फाउंडेशन के साथ मिलकर किया गया।

 10. हैबिटेट सेक्टर में राजीव गांधी हुडको फैलोशिप

 11. इंदिरा गांधी मेमोरियल फैलोशिप की जाँच

 12. फुलब्राइट स्कॉलरशिप का नाम अब फुलब्राइट- जवाहरलाल नेहरू स्कॉलरशिप रखा गया है

 13. कैम्ब्रिज नेहरू छात्रवृत्ति, संख्या में 10, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, लंदन में अनुसंधान के लिए, 3 वर्षों के लिए पीएचडी के लिए अग्रणी, जिसमें शुल्क, रखरखाव भत्ता, ब्रिटेन की यात्रा और वापस शामिल हैं।

 14. स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए जवाहरलाल नेहरू फैलोशिप की योजना, सरकार।  भारत की।

 15. नेहरू शताब्दी (ब्रिटिश) फैलोशिप / पुरस्कार

 

 राष्ट्रीय उद्यान / अभयारण्य / संग्रहालय :


 1. राजीव गांधी (नागरहोल) वन्यजीव अभयारण्य, कर्नाटक

 2. राजीव गांधी वन्यजीव अभयारण्य, आंध्र प्रदेश

 3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, तमिलनाडु

 4. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, नई दिल्ली

 5. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी घाट पर अनामलाई हिल्स

 6. इंदिरा गांधी प्राणी उद्यान, विशाखापत्तनम

 7. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संघालय (igrms)

 8. इंदिरा गांधी वन्यजीव अभयारण्य, पोलाची

 9. राजीव गांधी स्वास्थ्य संग्रहालय

 10. राजीव गांधी प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय

 11. इंदिरा गांधी मेमोरियल संग्रहालय, नई दिल्ली

 12. राज्य सरकार द्वारा औरंगाबाद, महाराष्ट्र में जवाहरलाल नेहरू संग्रहालय खोला गया।

 13. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल गैलरी, लंदन

 14. जवाहरलाल नेहरू तारामंडल, वर्ली, मुंबई।

 15. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के लिए

                                             

अस्पताल / चिकित्सा संस्थान :


 1. राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, बैंगलोर, कर्नाटक

 2. राजीव गांधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र, दिल्ली

 3. राजीव गांधी होम फॉर हैंडीकैप्ड, पांडिचेरी

 4. श्री राजीव गांधी कॉलेज ऑफ डेंटल ... साइंस एंड हॉस्पिटल, बैंगलोर, कर्नाटक

 5. राजीव गांधी सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी, तिरुवंतपुरम, केरल

 6. राजीव गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर, कर्नाटक

 7. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रायचूर

 8. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, बैंगलोर, कर्नाटक

 9. राजीव गांधी पैरामेडिकल कॉलेज, जोधपुर

 10. राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, ठाणे, मुंबई

 11. राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, कर्नाटक

 12. राजीव गांधी अस्पताल, गोवा

 13. राजीव गांधी मिशन ऑन कम्युनिटी हेल्थ, मध्य प्रदेश

 14. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली

 15. राजीव गांधी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज, चिनार पार्क, भोपाल, म.प्र

 16. उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान संस्थान, शिलांग, मेघालय

 17. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला

 18. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य संस्थान, बैंगलोर

 19. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा, पटना

 20. इंदिरा गांधी बाल चिकित्सालय, अफगानिस्तान

 21. इंदिरा गांधी बाल स्वास्थ्य अस्पताल, धर्माराम कॉलेज, बैंगलोर

 22. इंदिरा गांधी बाल संस्थान, बैंगलोर

 23. इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला

 24. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस, केरल

 25. इंदिरा गांधी मेमोरियल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, भुवनेश्वर

 26. इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर

 27. इंदिरा गांधी आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, कोलकाता

 28. इंदिरा गांधी अस्पताल, शिमला

 29. इंदिरा गांधी महिला एवं बाल अस्पताल, भोपला

 30. इंदिरा गांधी गैस राहत अस्पताल, भोपाल

 31. कमला नेहरू अस्पताल, शिमला

 32. चाचा नेहरू बाल चिकत्सालय

 33. जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (jipmer), पुदुचेरी

 34. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल

 35. रायपुर में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज।

 36. नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नई दिल्ली

 37. नेहरू विज्ञान केंद्र, मुंबई

 38. जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, भोपाल

 39. पंडित जवाहरलाल नेहरू होम्योपैथिक चिकित्सा विज्ञान संस्थान, महाराष्ट्र

 40. इंदिरा गांधी अस्पताल द्वारका, दिल्ली

 

 संस्थान / अध्यक्ष / त्यौहार :


 1. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान।  (rgniyd), युवा और खेल मंत्रालय

 2. राजीव गांधी नेशनल ग्राउंड वाटर ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद, हरियाणा

 3. आदिवासी क्षेत्रों में राजीव गांधी खाद्य सुरक्षा मिशन

 4. राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान

 5. राजीव गांधी शिक्षा मिशन, छत्तीसगढ़

 6. राजीव चेयर एंडोमेंट की स्थापना 1998 में साउथ एशियन इकोनॉमिक्स का चेयर बनाने के लिए की गई

 7. राजीव गांधी परियोजना - जमीनी स्तर तक शिक्षा को व्यापक उपग्रह संपर्क प्रदान करने के लिए एक पायलट

 8. राजीव गांधी ग्रामीण आवास निगम लिमिटेड (कर्नाटक उद्यम सरकार)

 9. राजीव गांधी सूचना और प्रौद्योगिकी आयोग

 10. राजीव गांधी शांति और निरस्त्रीकरण के लिए अध्यक्ष

 11. राजीव गांधी संगीत समारोह

 12. राजीव गांधी मेमोरियल लेक्चर

 13. राजीव गांधी अक्षय उर्जा दिवस

 14. राजीव गांधी एजुकेशन फाउंडेशन, केरल

 15. राजीव गांधी पंचायती राज सम्मेलन

 16. राजीव गांधी मेमोरियल एजुकेशनल एंड चैरिटेबल सोसाइटी, कासगोड, केरल

 17. राजीव गांधी मेमोरियल ट्रॉफी इकनिका स्पर्धा, प्रेरणा फाउंडेशन, कारी रोड

 18. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली

 19. इंदिरा गांधी पंचायती राज और ग्रामीण विकास संस्थान, जयपुर, राजस्थान

 20. इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (igcar), कल्पक्कम

 21. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च, मुंबई

 22. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (igic), पटना

 23. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली

 24. इंदिरा गांधी नेशनल फाउंडेशन, तिरुवनंतपुरम, केरल

 25. इंदिरा गांधी महिला सहकारी सौत गिरानी लिमिटेड, महाराष्ट्र

 26. इंदिरा गांधी संरक्षण निगरानी केंद्र, पर्यावरण और वन मंत्रालय

 27. सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति

 28. जवाहर शतकरी सहकारी सखार लिमिटेड

 29. नेहरू युवा केंद्र संगठन

 30. जवाहरलाल नेहरू शताब्दी समारोह

 31. जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में विभिन्न संप्रदायों के डाक टिकट और एक रुपये के सिक्के।

 32. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल ट्रस्ट (u.k.) छात्रवृत्ति

 33. जवाहरलाल नेहरू कस्टम हाउस न्हावा शेवा, महाराष्ट्र

 34. जवाहरलाल नेहरू केंद्र के लिए।  उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान, बैंगलोर

 35. जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र, भारत का दूतावास, मास्को

 36. किशोरियों के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू उद्योग केंद्र, पुणे, महाराष्ट्र

 37. पंडित जवाहरलाल नेहरू कृषि और अनुसंधान संस्थान, पांडिचेरी

 


 सड़कों / भवन / स्थानों: 


 1. राजीव चौक, दिल्ली

 2. राजीव गांधी भवन, सफदरजंग, नई दिल्ली

 3. राजीव गांधी हस्तशिल्प भवन, नई दिल्ली

 4. राजीव गांधी पार्क, कालकाजी, दिल्ली

 5. इंदिरा चौक, नई दिल्ली

 6. नेहरू तारामंडल, नई दिल्ली

 7. नेहरू युवा केंद्र, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली

 8. नेहरू नगर, नई दिल्ली

 9. नेहरू प्लेस, नई दिल्ली

 10. नेहरू पार्क, नई दिल्ली नेहरू हाउस, बीएसजेड मार्ग, नई दिल्ली

 11. जवाहरलाल नेहरू सरकार हाउस नई दिल्ली

 12. राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा पार्क, गुड़गांव, हरियाणा

 13. राजीव गांधी चौक, अंधेरी, मुंबई

 14. इंदिरा गांधी रोड, मुंबई

 15. इंदिरा गांधी नगर, वडाला, मुंबई

 16. इंदिरा गांधी खेल परिसर, मुलुंड, मुंबई

 17. नेहरू नगर, कुर्ला, मुंबई

 18. मुंबई के ठाणे में जवाहरलाल नेहरू उद्यान

 19. राजीव गांधी मेमोरियल हॉल, चेन्नई

 20. जवाहरलाल नेहरू रोड, वाडापलानी, चेन्नई, तमिलनाडु

 21. राजीव गांधी सलाई (राजीव गांधी के नाम पर पुरानी महाबलीपुरम सड़क)

 22. राजीव गांधी शिक्षा शहर, हरियाणा

 23. पर्वत राजीव, हिमालय की एक चोटी

 24. राजीव गांधी आईटी हैबिटेट, गोवा

 25. राजीव गांधी नगर, चेन्नई

 26. राजीव गांधी पार्क, विजयवाड़ा

 27. तमिलनाडु के कोयम्बटूर में राजीव गांधी नगर

 28. राजीव गांधी नगर, त्रिची, तमिलनाडु

 29. राजीव गांधी आईटी पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे

 30. राजीव गांधी पंचायत भव, पालनपुर बनासकांठा

 31. राजीव गांधी चंडीगढ़ प्रौद्योगिकी पार्क, चंडीगढ़

 32. राजीव गांधी स्मृति वन, झारखंड

 33. राजीव गांधी की प्रतिमा, पणजी, गोवा

 34. राजीव गांधी रोड, चित्तूर

 35. श्रीपेरंबुदूर में राजीव गांधी स्मारक

 36. इंदिरा गांधी मेमोरियल लाइब्रेरी, हैदराबाद विश्वविद्यालय

 37. इंदिरा गांधी म्यूजिकल फाउंटेन, बैंगलोर

 38. इंदिरा गांधी तारामंडल, लखनऊ

 39. इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र (igcic), भारतीय उच्चायोग, मौरिटस

 40. इंदिरा गांधी प्राणि उद्यान, भारत के पूर्वी घाट

 41. इंदिरा गांधी नहर, रामनगर, जैसलमेर

 42. इंदिरा गांधी औद्योगिक परिसर, रानीपेट, वेल्लोर जिला

 43. इंदिरा गांधी पार्क, ईटानगर

 44. इंदिरा गांधी स्क्वीयर, पांडिचेरी

 45. इंदिरा गांधी रोड, विलिंगडन द्वीप, कोचीन

 46. इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन, कश्मीर

 47. इंदिरा गांधी सागर बांध, नागपुर

 48. इंदिरा गांधी पुल, रामेश्वर, तमिलनाडु

 49. इंदिरा गांधी अस्पताल, भिवंडी निजामपुर नगर निगम

 50. इंदिरा गांधी स्मारक सांस्कृतिक परिसर, यूपी सरकार।

 51. इंदिरा गांधी खेल स्टेडियम, रोहड़ू जिला, शिमला

 52. इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, भोपाल

 53. इंदिरा गांधी नगर, राजस्थान

 54. इंदिरा नगर, लखनऊ

 55. सड़कें कई शहरों में जवाहरलाल नेहरू के नाम पर हैं उदा।  जयपुर, नागपुर, विले पार्ले, घाटकोपर, मुलुंड आदि में।

 56. नेहरू नगर, गाजियाबाद

 57. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, अमरनाथ

 58. जवाहरलाल नेहरू गार्डन, पन्हाला

 59. जवाहरलाल नेहरू बाजार, जम्मू।

 60. जम्मू श्रीनगर राजमार्ग पर जवाहरलाल नेहरू सुरंग

 61. नेहरू चौक, उल्हास नगर, महाराष्ट्र।

 62. मांडवी, पणजी, गोवा में नेहरू पुल

 63. नेहरू नगर गाजियाबाद

 64. जवाहरलाल नेहरू रोड, धर्मताल, कोलकाता

 65. नेहरू रोड, गुवाहाटी

 66. जवाहर नगर, जयपुर

 67. नेहरू विहार कॉलोनी, कल्याणपुर, लखनऊ

 68. नेहरू नगर, पटना

 69. जवाहरलाल नेहरू स्ट्रीट, पांडिचेरी

 70. नेहरू बाज़ार, मदनपल्ली, तिरुपति

 71. नेहरू चौक, बिलासपुर।  एमपी

 72. नेहरू स्ट्रीट, पोनमालिपट्टी, तिरुचिरापल्ली

 73. नेहरू नगर, एस.एम.  रोड, अहमदाबाद

 74. नेहरू प्राणि उद्यान, हैदराबाद

 75. राजीव गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर), पुणे

 76. राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क, हिंजेवाड़ी, पुणे।

 77. नेहरू नगर, नासिक पुणे।  सड़क।  और बहुत सारे।


 इसके अतिरिक्त, नेहरू-इंदिरा-राजीव के नाम पर 100+ राज्य और केंद्र सरकार की योजनाएं हैं।

 इसलिए, यदि आप कांग्रेस को वोट नहीं देते हैं तो आप भारत को राहुल गांधी के नाम से नहीं देख पाएंगे।  यह आपकी वजह से होगा कि गांधी का नाम लेने की पुरानी भारतीय परंपरा खत्म हो जाएगी।  यह एक पाप होगा!  इसलिए कांग्रेस को वोट देना आपका राष्ट्रीय कर्तव्य है।

  संपादित करें:

 

टिप्पणियों में अनुरोधों के आधार पर, हमारे पास संजय गांधी के नाम की चीजों की सूची है।

 संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, मुंबई।

 संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, नई दिल्ली।

 संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ।

 संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र, नई दिल्ली।

 संजय गांधी संस्थान यदि ट्रामा और आर्थोपेडिक्स (sgito), बैंगलोर।

 संजय गांधी अस्पताल, जयनगर, बैंगलोर।

 संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, रीवा, मप्र।

 पर्यावरण और पारिस्थितिकी में संजय गांधी पुरस्कार

 संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी, पटना।

 संजय गांधी जैविक उद्यान, पटना।

 संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बेल्लारी

 संजय गांधी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जगदीश पुर, अमेठी

 संजय गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बैंगलोर।

 संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बैंगलोर।

 संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज, रांची।

 संजय गांधी महिला कॉलेज, गया

 संजय गांधी सरकार।  स्वायत्त पीजी कॉलेज, सीधी, मप्र।

 संजय गांधी कॉलेज, शिमला।

 संजय गांधी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सुल्तानपुर, दिल्ली।

 संजय गांधी कॉलेज और अनुसंधान केंद्र, विदिशा, मप्र।

 संजय गांधी बीएड कॉलेज, विदिशा, मप्र।

 संजय गांधी सर्वोदय साइंस कॉलेज, जबलपुर।

 संजय गांधी इंटर कॉलेज, सारण, बिहार।

 संजय गांधी कॉलेज ऑफ लॉ, जयपुर।

 संजय गांधी मेमोरियल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, हैदराबाद।

 संजय गांधी पीजी कॉलेज, सुरपुर, मेरठ, यूपी।

 संजय गांधी स्टेडियम, पटना।

 संजय गांधी स्टेडियम, नरसिंहगढ़, म.प्र।

 संजय गांधी मार्केट, जालंधर।

 संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली 


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 गांधी-नेहरू परिवार के पक्ष में कांग्रेस द्वारा सत्ता का दुरोपयोग.